ز+ي+ا+ں=زياں
urdumadeeasy
Thursday, September 3, 2009
फ़क़ीह
फ़क़ीह का अर्थ है धर्मशास्त्र्ग्यमुस्लिम धर्म का पारंगत ।
ف+ق+ي+ہ=فقيہ
फ़ैज़ ने कहा है :
फ़क़ीह-ऐ-शहर से मय का जवाज़ क्या पूछें,
के चांदनी को भी हज़रतहराम कहते हैं "
ف+ق+ي+ہ=فقيہ
फ़ैज़ ने कहा है :
फ़क़ीह-ऐ-शहर से मय का जवाज़ क्या पूछें,
के चांदनी को भी हज़रतहराम कहते हैं "
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फ़ाम
फ़ाम याने रंग का , लाल फ़ाम याने लाल रंग का,सियह्फ़ामयाने काले रंग का,
गुलफ़ामयाने फूल के रंग का :
ف+ا+م=فام
गुलफ़ामयाने फूल के रंग का :
ف+ا+م=فام
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मतल'अ या मतला या मितला
मतल'अ कहते हैं ग़ज़ल के पहले शेर को, इसके दोनों भाग एक जैसे होते हैं। इसे कभी क्षितिज या उद्गम ( शुरू होने की जगह) के बतौर भी लिखा जाता है।
م+ط+ل+ع=مطلع
मतला में त (ت) के स्थान पर तोय (ط) का उपयोग होता है।
फ़ैज़ कहते हैं -
" यही किनार-ए-फ़लक का सियाहतरीं गोशा,
यही है मतला -ए-माह-ए-तमाम कहते हैं "
م+ط+ل+ع=مطلع
मतला में त (ت) के स्थान पर तोय (ط) का उपयोग होता है।
फ़ैज़ कहते हैं -
" यही किनार-ए-फ़लक का सियाहतरीं गोशा,
यही है मतला -ए-माह-ए-तमाम कहते हैं "
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